देहरादून। राजधानी देहरादून में पिछले कुछ समय से चल रहा पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) स्वयंसेवकों का धरना आखिरकार समाप्त हो गया है। सचिवालय में आयोजित अहम बैठक के बाद यह सहमति बनी, जिसमें प्रदेश की मंत्री रेखा आर्या और पीआरडी स्वयंसेवकों के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत वार्ता हुई। बैठक के दौरान स्वयंसेवकों की प्रमुख मांगों पर गंभीरता से चर्चा की गई। इनमें 365 दिन रोजगार, होमगार्ड के समान मानदेय, तथा महंगाई भत्ता (DA) जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं। सरकार की ओर से इन मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वासन दिया गया कि जल्द ही इन प्रस्तावों को कैबिनेट में लाया जाएगा। वार्ता के बाद स्वयंसेवकों ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। इससे लंबे समय से जारी गतिरोध खत्म हो गया है और प्रशासनिक स्तर पर राहत की स्थिति बनी है। इसके अलावा बैठक में खेल से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और संबंधित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा किया जाएगा।
कुल मिलाकर, इस बैठक के बाद पीआरडी स्वयंसेवकों और सरकार के बीच सहमति बनने से एक बड़ा विवाद शांत हुआ है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मांगों पर ठोस निर्णय सामने आएगा।












