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धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 1.11 लाख करोड़ का बजट, 28 प्रस्तावों पर मुहर

देहरादून की सर्द हवाओं के बीच सत्ता के गलियारों में एक अहम बैठक हुई। पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 32 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 28 पर मुहर लगा दी गई। आने वाले विधानसभा सत्र से पहले हुई यह बैठक सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी वित्तीय वर्ष की दिशा तय करने वाली साबित हुई।
1.11 लाख करोड़ का बजट — 10% की बढ़ोतरी
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपए के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है — यानी करीब 10,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान।
मंत्रिमंडल ने जरूरत पड़ने पर बजट में संशोधन का अधिकार मुख्यमंत्री को सौंपा है। यह कदम सरकार की लचीली वित्तीय नीति का संकेत माना जा रहा है।
पोषण योजनाओं में विस्तार
मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार में नई सामग्री जोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना में भी बदलाव हुआ है। अंडा, दूध और केले के अलावा अब अन्य पोषक खाद्य पदार्थ भी शामिल किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार होगा।
न्याय  व्यवस्था को मजबूती
राज्य में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए:
विकासनगर (देहरादून), काशीपुर (उधमसिंह नगर) और नैनीताल में तीन नए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट खुलेंगे।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय के लिए एक और जिला न्यायालयों के लिए 13 — कुल 14 नए कोर्ट मैनेजर पद सृजित किए गए हैं।
सरकार का मानना है कि इससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।
उच्च शिक्षा और पुस्तकालय
21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
साथ ही स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिसके तहत पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण और ज्ञान संसाधनों के विस्तार पर जोर रहेगा।
पर्यावरण और जल नीति
प्रदेश के सभी 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंता के पद सृजित किए जाएंगे और संविदा के आधार पर भर्ती होगी।
उपचारित जल के पुन: उपयोग की नीति 2026 को भी मंजूरी मिली है। विश्व बैंक से वित्त पोषित जलापूर्ति कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण और बेहतर प्रबंधन पर फोकस रहेगा।
बागवानी और मौन पालन
सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 और मौन (मधुमक्खी) पालन नीति 2026 को स्वीकृति दी गई। पहाड़ी क्षेत्रों में सेब और शहद उत्पादन को बढ़ावा देने से किसानों की आय में इजाफा होने की उम्मीद है।
समान नागरिक संहिता (UCC) संशोधन
समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक 2026 को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूसीसी लागू किया था। अब संशोधन के जरिए इसे और व्यवहारिक बनाने की कोशिश की जा रही है।
जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल
देहरादून में जीएसटी अपीलीय अधिकरण की मुख्यपीठ यथावत रहेगी, जबकि हल्द्वानी में अतिरिक्त पीठ/सर्किट बेंच स्थापित की जाएगी। इससे कुमाऊं मंडल के व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
विशेष शिक्षकों को नियमित नियुक्ति
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में चार विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में नियमित नियुक्ति दी जाएगी। लंबे समय से संविदा पर कार्यरत इन शिक्षकों के लिए यह निर्णय राहत भरा है।
निष्कर्ष
धामी कैबिनेट की यह बैठक बजट विस्तार से लेकर पोषण, न्याय, शिक्षा, पर्यावरण और किसानों तक—लगभग हर क्षेत्र को छूती नजर आई। आने वाले विधानसभा सत्र में इन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद तस्वीर और साफ होगी, लेकिन फिलहाल सरकार ने विकास और प्रशासनिक सुधार के संकेत दे दिए हैं।

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