शांत दिखने वाली नहर पटरी पर 17 फरवरी की सुबह मिला खून से लथपथ शव पूरे इलाके में सनसनी बन गया। पुराने पीर के पास पड़े युवक के शव का सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, आसपास संघर्ष के निशान थे और हत्यारा गायब। शुरुआती जांच में मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर नजर आ रहा था—न हत्या की वजह साफ, न ही आरोपी का कोई सुराग।
मृतक की पहचान मंगलौर निवासी प्रदीप के रूप में हुई तो सवाल और गहरे हो गए—वह रात में यहां किसके साथ आया था? किसने और क्यों उसे मौत के घाट उतारा?
CCTV, सर्विलांस और पूछताछ से खुला राज
Haridwar की Mangalore पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सर्विलांस, लोकल इंटेलिजेंस और लगातार पूछताछ के बीच एक नाम बार-बार सामने आने लगा—सराय ज्वालापुर निवासी विनायक त्यागी।

पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो हत्या की पूरी कहानी सामने आ गई।शराब से शुरू हुई पहचान, लालच में बदली दरिंदगीपुलिस के मुताबिक ठेके पर हुई मामूली पहचान के बाद प्रदीप और आरोपी साथ में शराब पीने नहर किनारे पहुंचे। नशा बढ़ने के दौरान आरोपी को पता चला कि प्रदीप के पास नकदी है। पैसों का लालच ऐसा हावी हुआ कि दोस्ती कुछ ही मिनटों में खौफनाक साजिश में बदल गई। आरोपी ने पहले गला दबाकर प्रदीप को गिराया और फिर पास पड़े भारी पत्थर से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। वार इतने बेरहम थे कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने जेब से करीब 20 हजार रुपये निकाल लिए और फरार हो गया।पुलिस की घेराबंदी में गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए Haridwar Police ने तेजी से कार्रवाई की। सटीक सुरागों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल पत्थर, खून से सनी जैकेट और लूटी गई नगदी बरामद की गई है।

Navneet Singh Bhullar ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि यह पूरी तरह लालच में की गई हत्या थी, जिसे पुलिस टीम ने सटीक जांच और लगातार मेहनत से सुलझाया। ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश करने वाली टीम को नकद इनाम देने की घोषणा भी की गई है। निष्कर्षनहर पटरी पर शराब की एक रात ने दोस्ती को दुश्मनी में बदल दिया और लालच ने एक जिंदगी छीन ली। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि नशा और लालच मिलकर किस तरह इंसान को दरिंदा बना सकते हैं।











