उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नारी शक्ति को लेकर सियासी तापमान तेज हो गया है। नारी शक्ति बंधन अधिनियम के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए परेड ग्राउंड में महिला जन आक्रोश रैली आयोजित की। इस रैली में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य रूप से शामिल हुए और उन्होंने मंच से विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह साफ हुआ कि इस मुद्दे पर महिला शक्ति खुलकर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में बराबरी की भागीदारी दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल हो सकती थी। लेकिन विपक्षी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस महत्वपूर्ण कदम को सफल नहीं होने दिया। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष का यह रवैया न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि इससे महिलाओं के अधिकारों और उनकी आकांक्षाओं के प्रति उनकी सोच भी उजागर होती है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब भी देश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाता है, तब-तब विपक्ष उसे रोकने या कमजोर करने की कोशिश करता है। रैली के दौरान महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने भी जोरदार नारेबाजी करते हुए विपक्ष के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया और महिलाओं के अधिकारों को लेकर एकजुटता दिखाई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा राजनीतिक विमर्श बन सकता है।






