देहरादून। सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाने और सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। अब देहरादून संभाग में कॉमर्शियल वाहनों के चालकों का हर साल स्वास्थ्य परीक्षण कराना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य जांच के बाद जारी मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट को वाहन में रखना भी जरूरी होगा।

RTA की बैठक में लिया गया फैसला
आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी के अनुसार, रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) की हालिया बैठक में चालकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर यह निर्णय लिया गया है। परिवहन विभाग का मानना है कि सड़क सुरक्षा में चालक की शारीरिक और मानसिक फिटनेस की अहम भूमिका होती है।
उत्तराखंड परिवहन विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार संदीप सैनी वर्तमान में आरटीओ (प्रशासन), देहरादून के पद पर तैनात हैं और देहरादून RTA में सचिव की भूमिका निभा रहे हैं।
वाहन स्वामी की होगी जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के तहत कॉमर्शियल वाहन के चालक का सालाना स्वास्थ्य परीक्षण कराने की जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी। स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद चालक की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।
इसके साथ ही रिपोर्ट को वाहन के भीतर रखना होगा। परिवहन विभाग की चेकिंग के दौरान अधिकारी चालक की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट देख सकेंगे। इससे यह पता लगाने में आसानी होगी कि संबंधित चालक का निर्धारित अवधि में स्वास्थ्य परीक्षण हुआ है या नहीं।
अचानक तबीयत बिगड़ने से होने वाले हादसों पर नजर
परिवहन विभाग का मुख्य उद्देश्य उन सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है, जिनमें चालक की तबीयत अचानक बिगड़ने या किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण वाहन पर नियंत्रण प्रभावित हो जाता है।
लंबे समय तक वाहन चलाने वाले चालकों में आंखों की रोशनी, ब्लड प्रेशर, शुगर, हृदय संबंधी परेशानी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं ड्राइविंग के दौरान जोखिम पैदा कर सकती हैं। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच से चालक की फिटनेस का समय रहते आकलन किया जा सकेगा।
यात्रियों की सुरक्षा को मिलेगी प्राथमिकता
देहरादून संभाग में बड़ी संख्या में बस, टैक्सी, मैक्सी कैब और अन्य कॉमर्शियल वाहन संचालित होते हैं। इन वाहनों में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में चालकों का स्वस्थ और फिट रहना सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
विभाग का मानना है कि यदि चालक नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराते हैं और किसी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या का समय रहते पता चल जाता है तो संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।
चेकिंग के दौरान रिपोर्ट की होगी जांच
नई व्यवस्था लागू होने के बाद परिवहन विभाग की टीम वाहन चेकिंग के दौरान अन्य दस्तावेजों के साथ चालक की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट भी देख सकती है। रिपोर्ट वाहन में उपलब्ध नहीं होने या निर्धारित समय पर स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराए जाने की स्थिति में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की व्यवस्था की जा सकती है।
परिवहन विभाग जल्द ही इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की तैयारी में है। इससे न केवल चालकों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी।
मुख्य बातें
- कॉमर्शियल चालकों का हर साल स्वास्थ्य परीक्षण।
- मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट वाहन में रखना अनिवार्य।
- स्वास्थ्य परीक्षण की जिम्मेदारी वाहन स्वामी की।
- चेकिंग के दौरान परिवहन अधिकारी रिपोर्ट देख सकेंगे।
- उद्देश्य—चालक की अचानक तबीयत बिगड़ने से होने वाले हादसों को कम करना।
- व्यवस्था को जल्द सख्ती से लागू किए जाने की तैयारी।







