शिकायत में जातिगत भेदभाव और सार्वजनिक अपमान के लगाए गए आरोप, महेंद्र भट्ट ने कहा- भाजपा ने नहीं कराया शुद्धिकरण
देहरादून। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद कथित तौर पर हुए ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम का विवाद अब कर्नाटक तक पहुंच गया है। इस मामले में बेंगलुरु के विधान सौध पुलिस थाने में उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ Zero FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई आदिवासी कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष टी.आर. रामप्पा की ओर से 31 अगस्त को दी गई शिकायत के आधार पर की है।
मामला 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित तौर पर हुए शुद्धिकरण कार्यक्रम से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खरगे के कार्यक्रम के बाद कुछ भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रैली स्थल का शुद्धिकरण कराया। शिकायतकर्ता ने इसे अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के सार्वजनिक अपमान और जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाला कृत्य बताया है।
महेंद्र भट्ट का नाम भी शिकायत में
बेंगलुरु पुलिस में दी गई शिकायत में उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भट्ट ने मीडिया के सामने कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम का बचाव किया था। पुलिस ने कानूनी राय लेने के बाद 4 सितंबर को Zero FIR दर्ज की। रिपोर्टों के अनुसार मामले में भारतीय न्याय संहिता, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं का उल्लेख किया गया है।
महेंद्र भट्ट ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मामले में लगे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से ऐसा कोई बयान या भाजपा की ओर से कोई प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई, जिससे यह साबित हो कि भाजपा ने शुद्धिकरण कार्यक्रम कराया था। भट्ट के मुताबिक, शुद्धिकरण का कार्य एक स्वयंसेवी संस्था की ओर से किया गया था।
भट्ट ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है और वह इस मामले के जरिए समाज को बांटने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने खरगे को गलत जानकारी देकर सामाजिक विद्वेष पैदा करने का प्रयास किया है।
7 सितंबर को भाजपा का ‘समरसता और सौहार्द संकल्प’
महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले का जवाब 7 सितंबर को सभी जिलों में समरसता और सौहार्द संकल्प धरने के माध्यम से देगी। भाजपा का कहना है कि समाज में सौहार्द और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए पार्टी अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी।
फिलहाल बेंगलुरु में दर्ज Zero FIR के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और गरमा गया है। एक तरफ शिकायतकर्ता पक्ष इसे जातिगत भेदभाव और दलित समुदाय के अपमान से जोड़ रहा है, वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इन आरोपों से दूरी बनाते हुए शुद्धिकरण कार्यक्रम में भाजपा की भूमिका से इनकार किया है। अब मामले की आगे की जांच में यह स्पष्ट होना है कि कथित कार्यक्रम में किन लोगों की भूमिका थी और शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं।








