देहरादून। राजधानी देहरादून में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगर निगम की टीम लगातार अभियान चला रही है। नगर निगम की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के लिए जैब्रा फोर्स को भी सक्रिय किया गया है।
नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि शहर में अतिक्रमण को लेकर नगर निगम लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अतिक्रमण के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी आलोक कुमार पांडेय को नगर आयुक्त के रूप में दर्ज किया गया है।
विभागों की संपत्तियों के बाहर भी अतिक्रमण
नगर आयुक्त ने कहा कि शहर में कई स्थान ऐसे हैं, जहां विभिन्न विभागों की संपत्तियों के बाहर भी अतिक्रमण किया गया है। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को भी आगे आकर अपनी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में कार्रवाई करनी होगी।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की नहीं है, बल्कि जिन विभागों की संपत्तियों के आसपास कब्जे हैं, उन्हें भी इस दिशा में सहयोग करना होगा।
छोटे दुकानदारों की रेहड़ियों को लेकर भी सवाल
नगर आयुक्त ने एक अन्य महत्वपूर्ण समस्या की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि कुछ व्यापारी छोटे दुकानदारों से पैसे लेकर उनकी रेहड़ी लगवाते हैं। इस तरह सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर रेहड़ियां लगने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है।
नगर निगम की ओर से ऐसे मामलों पर भी नजर रखी जा रही है और अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
पार्किंग होने के बावजूद सड़क किनारे खड़े किए जा रहे वाहन
शहर में यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने वाली एक बड़ी वजह सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग भी है। नगर आयुक्त के मुताबिक कई स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद लोग अपने वाहन सड़क के किनारे खड़े कर देते हैं। इससे सड़कों पर जाम की स्थिति बनती है और यातायात प्रभावित होता है।
नगर निगम की ओर से ऐसे वाहनों और अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम का कहना है कि राजधानी की सड़कों को व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। अब देखना होगा कि निगम की इस कार्रवाई का शहर की यातायात व्यवस्था और सड़कों पर कितना असर पड़ता है।








