देहरादून। चुनाव संबंधी अनियमितताओं और मतदाता सूची से जुड़े कथित मामलों को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने शुक्रवार को देहरादून में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से सचिवालय की ओर कूच किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई एवं इस्तीफे की मांग उठाई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सचिवालय से पहले बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।
कांग्रेस के प्रदर्शन पर CM धामी का पलटवार
कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस जिन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करती है, उनमें बाद में कुछ निकलता नहीं है और इससे उसकी अपनी साख प्रभावित होती है। मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की फाइल पर अधिकारियों की टिप्पणियों को लेकर भी अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी द्वारा फाइल पर अपना सुझाव या टिप्पणी दर्ज किया जाना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका यह अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए कि अधिकारी अंतिम निर्णय से असहमत है। अंतिम निर्णय ही मान्य होता है।
SIR को लेकर भी CM ने कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस को SIR (Special Intensive Revision) की निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से परेशानी है। उनके अनुसार इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और व्यवस्थित करना है। उन्होंने कहा कि फर्जी नाम, एक व्यक्ति के कई स्थानों पर दर्ज वोट और अन्य अनियमितताओं को हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आजादी के बाद देश में कई बार मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया हो चुकी है और इस बार मतदाता सूची के शुद्धिकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कांग्रेस ने उठाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
वहीं कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इसी के विरोध में पार्टी ने देहरादून में सचिवालय कूच किया। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।
कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे/कार्रवाई की मांग को लेकर देशभर में भी प्रदर्शन किए गए।








