देहरादून: उत्तराखंड में अब सरकार हर परिवार की आय का पूरा ब्यौरा जुटाने जा रही है। राज्य में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर घरेलू आय सर्वेक्षण शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत घर-घर जाकर लोगों की कमाई से जुड़ी जानकारी एकत्रित की जाएगी। जानकारी के अनुसार यह सर्वे 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा और मार्च 2027 तक चलेगा। इस दौरान चयनित परिवारों से उनकी आय के सभी स्रोतों—जैसे नौकरी, व्यापार, कृषि, मजदूरी और अन्य कमाई—का डेटा जुटाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इस सर्वे के जरिए यह जानना है कि आम नागरिक वास्तव में कितना कमाते हैं और उनकी आर्थिक स्थिति क्या है। इससे भविष्य की योजनाओं और नीतियों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इस सर्वे के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है, जिसमें डेटा संग्रहण, सत्यापन और रिपोर्टिंग की पूरी प्रक्रिया समझाई गई है। बताया जा रहा है कि यह देश में अपनी तरह का पहला बड़ा घरेलू आय सर्वेक्षण है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सर्वे से सरकार को राज्य के अलग-अलग वर्गों की वास्तविक आय, रोजगार की स्थिति और आर्थिक असमानता का सही आंकलन मिलेगा। इसके आधार पर योजनाएं तैयार की जाएंगी, जिससे विकास की प्रक्रिया को और तेज किया जा सके। वहीं, हालिया आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में यह और बेहतर होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, यह सर्वे सरकार के लिए एक बड़ा डेटा बेस तैयार करेगा, जिससे यह तय किया जा सकेगा कि किस वर्ग को कितनी मदद और किस तरह की योजनाओं की जरूरत है।












