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उत्तराखंड में SIR को लेकर CEO की प्रेस कॉन्फ्रेंस, 57 हजार नाम फिर जुड़ेंगे

वोटर लिस्ट में नाम कटने को लेकर आयोग का बड़ा कदम, एक महीने चलेगा स्पेशल ड्राइव; घर-घर जाकर होगा वेरिफिकेशन

देहरादून। उत्तराखंड में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के दौरान करीब 6 लाख 24 हजार नामों को हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। इनमें से 57 हजार नामों को वापस वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से वोटर लिस्ट से न कटे, इसके लिए निर्वाचन आयोग की ओर से एक महीने का स्पेशल ड्राइव शुरू किया गया है। इस दौरान फील्ड स्तर पर विशेष निगरानी के साथ घर-घर जाकर मतदाताओं का वेरिफिकेशन किया जाएगा।

राजनीतिक दलों के साथ साझा होगी वोटर लिस्ट

CEO डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाएगी। वोटर लिस्ट को सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर किसी तरह की आशंका न रहे।

उन्होंने बताया कि फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान तैयार की जाने वाली रिपोर्ट पर संबंधित बूथ के BLA (Booth Level Agent) के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। इसका उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, ताकि बाद में किसी तरह के आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति न बने।

8 से 10 अक्टूबर तक बूथ स्तर पर विशेष अभियान

SIR अभियान के तहत 8, 9 और 10 अक्टूबर को बूथ स्तर पर विशेष कैंपेन चलाया जाएगा। इन कैंपों में BLO (Booth Level Officer), बूथ अवेयरनेस ग्रुप के सदस्य और सभी राजनीतिक दलों के BLA मौजूद रहेंगे।

इन विशेष कैंपों के माध्यम से मतदाताओं को वोटर लिस्ट से जुड़ी जानकारी दी जाएगी और नाम में किसी तरह की समस्या होने पर उसे दूर करने की प्रक्रिया में मदद की जाएगी।

12 से 20 अक्टूबर तक घर-घर वेरिफिकेशन

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार 12 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का वेरिफिकेशन करेंगे। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में मौजूद है और किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से सूची से बाहर न हो।

अगर वेरिफिकेशन के दौरान किसी मतदाता का नाम गलती से वोटर लिस्ट से कट गया पाया जाता है, तो मौके पर ही Form-6 भरने की प्रक्रिया की जाएगी, ताकि पात्र मतदाता का नाम दोबारा सूची में शामिल किया जा सके।

पारदर्शिता पर आयोग का जोर

CEO डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि SIR की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आयोग का प्रयास है कि पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से न हटे और सभी राजनीतिक दलों को प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध रहे।

आयोग की ओर से शुरू किए जा रहे इस विशेष अभियान के बाद अब अगले चरण में घर-घर वेरिफिकेशन और बूथ स्तर पर विशेष कैंप के जरिए वोटर लिस्ट को और अधिक सटीक बनाने पर जोर दिया जाएगा।

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