उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश की विभिन्न मलिन बस्तियों में निवास कर रहे लोगों को मालिकाना हक दिलाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। देहरादून स्थित गांधी पार्क में उन्होंने एक घंटे का मौन उपवास रखा और इसके बाद इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ धरना देकर सरकार से ठोस पहल करने की मांग की।
हरीश रावत ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान मलिन बस्तियों को मालिकाना हक देने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने उन फैसलों को आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब इन बस्तियों को उजाड़ने का प्रयास कर रही है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। चार जिलों का विशेष उल्लेख
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उधमसिंह नगर, नैनीताल, हरिद्वार और देहरादून में बड़ी संख्या में मलिन बस्तियां हैं, जहां वर्षों से लोग निवास कर रहे हैं। ऐसे परिवारों को बेदखली के डर में नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ मालिकाना अधिकार दिया जाना चाहिए।nसरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग हरीश रावत ने कहा कि सरकार को इन लोगों के हितों की रक्षा करनी चाहिए और जल्द से जल्द ठोस निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों को उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रहेगा।












