देहरादून:
चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। इसी क्रम में देहरादून सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित विभागों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में चारधाम यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा को लेकर विशेष फोकस किया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर जाम की समस्या से निपटने के लिए उचित स्थानों पर होल्डिंग एरिया बनाए जाएं, ताकि वाहनों का दबाव नियंत्रित किया जा सके। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी अहम फैसला लिया गया है। 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।
इसके अलावा, संवेदनशील और स्लाइडिंग जोन को पहले से चिन्हित कर वहां मशीनों और संसाधनों की तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि भूस्खलन जैसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। यात्रा मार्गों पर साइनज, पेयजल, शौचालय और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही केदारनाथ और अन्य धामों के लिए हेली सेवा और रेस्क्यू सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने बिजली, पानी और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में यात्रियों को असुविधा नहीं होनी चाहिए। यात्रियों की सुविधा के लिए अब उन्हें यात्रा से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी SMS और व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे रियल टाइम अपडेट प्राप्त कर सकें। सरकार का लक्ष्य इस बार चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।








