उत्तराखंड में 28 अप्रैल को देहरादून में एक दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र आहूत किया गया है। इस सत्र का मुख्य विषय “नारी शक्ति वंदन अधिनियम: नारी सम्मान – लोकतंत्र में अधिकार” रखा गया है। सत्र का आयोजन विधानसभा परिसर में किया जाएगा, जहां प्रदेश में महिलाओं के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर विस्तृत चर्चा होगी।
🗞️ विस्तृत खबर
राज्य सरकार द्वारा बुलाए गए इस विशेष सत्र का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना है। खास तौर पर “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के संदर्भ में लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी और उनके अधिकारों को लेकर सभी पक्ष अपनी बात रखेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्षी दलों के विरोध के कारण महिला आरक्षण बिल पूर्व में पारित नहीं हो सका, जो महिलाओं के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी विशेष सत्र में सभी सदस्य गंभीरता से चर्चा करेंगे और इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक निष्कर्ष सामने आएगा। राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें न केवल महिला सशक्तिकरण पर चर्चा होगी, बल्कि प्रदेश की राजनीति में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विशेष सत्र सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नीति निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।








