देश में महिला आरक्षण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विशेष सत्र से पहले इस मुद्दे ने सियासी गलियारों में नई ऊर्जा भर दी है। इसे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस बीच पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा कि महिला आरक्षण विधेयक संसद से पारित हो चुका है और अब इसे लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशवासियों ने इस निर्णय को सकारात्मक रूप से देखा है और यह महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री धामी ने जोर देते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल सामाजिक आवश्यकता ही नहीं बल्कि देश के समग्र विकास की अनिवार्यता है। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों को अधिक अधिकार देना, उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना, भारत को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक चर्चा जरूरी है, ताकि समाज में महिलाओं की भूमिका और प्रभाव को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।







