देहरादून।
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटे।
देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान सुजाता पॉल ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन यह कार्य पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों से विपक्षी विचारधारा से जुड़े मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी पात्र मतदाता को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह सभी दावों और आपत्तियों का निष्पक्षता से निस्तारण करे तथा किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न कटने पाए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आम जनता से भी अपील की कि वे अपने नाम मतदाता सूची में अवश्य जांच लें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि या नाम गायब होने की स्थिति सामने आती है तो तत्काल संबंधित निर्वाचन कार्यालय में संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि यदि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है या पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाते हैं तो कांग्रेस इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी। उन्होंने चुनाव आयोग से पुनरीक्षण अभियान की निगरानी बढ़ाने और सभी योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
कांग्रेस का कहना है कि निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची ही लोकतंत्र की मजबूती का आधार है और चुनाव आयोग को इस दिशा में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।








