चमोली। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। मामले की जांच कर रही उत्तराखंड पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पूरे घटनाक्रम की कई स्तरों पर जांच जारी है। इस प्रकरण ने देशभर के श्रद्धालुओं के बीच चिंता बढ़ा दी है और मंदिरों में चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
कैसे सामने आया मामला?
मामला उस समय सामने आया जब बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गणना के दौरान वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिली। प्रारंभिक जांच में CCTV फुटेज और अन्य रिकॉर्ड की समीक्षा की गई, जिसके बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
CCTV फुटेज में क्या मिला?
SIT के अनुसार अब तक जांचे गए CCTV फुटेज में आरोपी प्रमोद नौटियाल कई अवसरों पर चढ़ावे की नकदी तथा अन्य सामग्री को कथित रूप से अपने कब्जे में लेते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस का कहना है कि 22 जून, 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई की गिनती के दौरान भी ऐसी गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। हालांकि बरामदगी और आरोपों की पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
SIT की कार्रवाई
मामले में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए SIT ने पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका रही है।
सरकार और BKTC ने उठाए कदम
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। वहीं BKTC ने संबंधित कर्मचारी को पहले ही निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी थी। समिति का कहना है कि चढ़ावे की पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस धन, सोने-चांदी के सिक्कों और अन्य चढ़ावे की कथित हेराफेरी की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य पेश होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।








