देहरादून |
ऋषिकेश में सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान प्रस्तावित पेड़ कटान को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के निर्देश दिए जाने के बाद इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने यह निर्णय कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे और इस मुद्दे के उठने के बाद लिया। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले भी जनहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित संज्ञान लेकर निर्णय लेते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि मुख्यमंत्री ने किसी राजनीतिक दबाव या किसी नेता के दौरे के बाद यह फैसला लिया।
कुंदन परिहार ने कहा कि राज्य सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भाजपा पूरे प्रदेश में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चला रही है, जिसके तहत लगभग 6 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उनका कहना है कि राज्य सरकार केवल विकास कार्यों पर ही नहीं, बल्कि हरित उत्तराखंड के निर्माण पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी सोच के साथ समय-समय पर आवश्यक निर्णय लिए जाते रहे हैं। भाजपा का कहना है कि सरकार विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भी लगातार कार्य कर रही है।
ऋषिकेश में पेड़ कटान का मामला फिलहाल राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना को पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए किस प्रकार आगे बढ़ाया जाएगा।








