देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने और मतदाता सूची को पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान पर विपक्ष अनावश्यक भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल जनता को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह इस प्रक्रिया में सहयोग करे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण लोकतंत्र को मजबूत बनाने की सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया है, जिसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन दलों को चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा होना चाहिए, वही आज उनके कार्यों पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि यदि किसी मतदाता की जानकारी में कोई त्रुटि है या आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराना है तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें और अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि पारदर्शी एवं सटीक मतदाता सूची लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनावी व्यवस्था के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
धामी ने यह भी कहा कि उत्तराखंड सरकार सुशासन, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता सत्य और तथ्यों के साथ खड़ी है तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के हर प्रयास का समर्थन करेगी।








