देहरादून। उत्तराखंड में उपनल (UPNL) कर्मचारियों के लिए ‘समान काम के लिए समान वेतन’ लागू करने की प्रक्रिया के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस लाभ का दावा करने वाले कर्मचारियों को एक माह के भीतर विभागीय योग्यता परीक्षा देनी होगी। इस फैसले के बाद कर्मचारियों में असंतोष देखा जा रहा है।
विभागीय आदेश के अनुसार, समान वेतन का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो निर्धारित समय सीमा के भीतर आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा के परिणाम के आधार पर आगे की सेवा संबंधी प्रक्रिया तय की जाएगी।
कर्मचारियों ने जताई आपत्ति
उपनल कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे वर्षों से विभिन्न विभागों में नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं। उनका आरोप है कि शासन के ‘समान काम-समान वेतन’ संबंधी आदेश में विभागीय परीक्षा का कोई उल्लेख नहीं था। ऐसे में अब नई शर्त जोड़ना कर्मचारियों के हितों के विपरीत है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि सरकार समान वेतन का लाभ देना चाहती है तो उसे बिना अतिरिक्त शर्तों के लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है।
विभाग का पक्ष
उत्तराखंड जल संस्थान का कहना है कि विभागीय प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमसम्मत बनाने के उद्देश्य से योग्यता परीक्षा का प्रावधान किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यकुशलता का आकलन किया जाएगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
आगे क्या?
इस आदेश के बाद उपनल कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारी संगठन सरकार और विभाग से इस निर्णय में संशोधन की मांग कर रहे हैं। यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारी आंदोलन की रणनीति भी बना सकते हैं।








