देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। दिल्ली से लेकर देहरादून तक राजनीतिक दलों की बैठकों का दौर जारी है। इसी क्रम में बुधवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा होने की जानकारी सामने आई।
हालांकि भाजपा ने इसे अपनी नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है, लेकिन विपक्षी कांग्रेस ने इस बैठक को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि हाल के चुनावी परिणामों के बाद भाजपा के भीतर असहजता का माहौल है।
कांग्रेस ने लगाया डर और गुटबाजी का आरोप
कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि हाल ही में देश की तीन विधानसभा सीटों पर मिली हार के बाद प्रदेश भाजपा में डर का माहौल बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के बीच बढ़ती आपसी खींचतान और अंदरूनी मतभेदों के चलते इस तरह की बैठक बुलानी पड़ी है। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।
भाजपा का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि कांग्रेस को भाजपा की नहीं, बल्कि अपनी स्थिति की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा एक कैडर आधारित संगठन है और पार्टी हमेशा चुनावी तैयारी के साथ काम करती है।
जोशी के अनुसार, दिल्ली में हुई बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत बनाने, आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करने तथा राष्ट्रीय नेताओं के उत्तराखंड दौरे की रूपरेखा पर चर्चा हुई। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा लगातार तीसरी बार प्रदेश में सरकार बनाएगी।
2027 चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी समय दूर हैं, लेकिन दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। भाजपा संगठनात्मक मजबूती पर जोर दे रही है, जबकि कांग्रेस भाजपा की बैठकों और फैसलों को राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटी है। आने वाले समय में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
नोट: इस खबर में भाजपा और कांग्रेस, दोनों पक्षों के सार्वजनिक बयानों को शामिल किया गया है। दोनों दलों के दावे और आरोप उनके अपने हैं।







