देहरादून। संसद का मानसून सत्र गुरुवार को हंगामे और लगातार व्यवधान के बीच समाप्त हो गया। लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखी नोकझोंक और विरोध देखने को मिला।
इसी को लेकर उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सदन में चर्चा और बहस में भाग लेने के बजाय लगातार कार्यवाही को बाधित करने का काम किया।
नरेश बंसल ने कहा कि लोकतंत्र में संसद का मुख्य उद्देश्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और सरकार से सवाल पूछना है, लेकिन विपक्ष ने चर्चा में भाग लेने के बजाय सदन की कार्यवाही में व्यवधान पैदा किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन से भागता हुआ नजर आया और लगातार हंगामे के कारण संसदीय कार्य प्रभावित हुआ। बंसल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब विपक्ष के नेता ही सदन चलाने में रुचि नहीं रखते हैं, तो सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना मुश्किल हो जाता है।
बंसल ने कहा कि विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए सदन का मंच इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके मुताबिक, संसद में बहस और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान तलाशना लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
गौरतलब है कि 2026 का मानसून सत्र लगातार विरोध-प्रदर्शन और व्यवधानों के कारण चर्चा में रहा। सत्र के दौरान सरकार की ओर से कई विधेयक पारित किए गए, जबकि विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर जवाब देने से बचने के आरोप लगाए।
नरेश बंसल ने कहा कि संसद की कार्यवाही को बाधित करने के बजाय विपक्ष को अपनी बात सदन के भीतर मजबूती से रखनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के रवैये के कारण सदन की कार्यवाही अपेक्षित तरीके से नहीं चल सकी।







