रुद्रप्रयाग। जिले के किमाणा गांव में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के कारण कई स्थानों पर भूमि धंसाव की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे आवासीय मकानों और गौशालाओं को नुकसान पहुंचने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र भेजकर तत्काल स्थलीय निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार लगातार बारिश के कारण गांव में कई जगह जमीन खिसकने लगी है। कुछ मकानों के पीछे मलबा और बरसाती पानी पहुंच रहा है, जबकि मकानों के आसपास की जमीन भी प्रभावित हुई है। इससे ग्रामीणों में अपने परिवारों और पशुधन की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई परिवारों को खतरे को देखते हुए अपने घरों से बाहर अथवा दूसरे स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गौशालाओं में भी पानी और मलबा पहुंचने से पशुओं के लिए परेशानी पैदा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों की टीम को मौके पर भेजकर भूमि धंसाव और क्षतिग्रस्त मकानों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को आवश्यक सुरक्षा एवं राहत उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
वहीं, ग्रामीणों ने पेयजल योजना और गांव में पानी की समस्या को लेकर भी प्रशासन के समक्ष अपनी परेशानी रखी है। उनका कहना है कि बारिश और भूस्खलन के कारण पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन को समय रहते आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और मौके का निरीक्षण कर उचित समाधान किया जाए।








