देहरादून | रिपोर्ट : राजेश पुरी
उत्तराखंड में अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना पहले से कहीं ज्यादा महंगा पड़ने वाला है। अगर आप यह सोचते हैं कि सड़क पर पुलिस नहीं दिखी तो चालान भी नहीं कटेगा, तो अब यह सोच बदलनी होगी। राज्य में परिवहन विभाग ने तकनीक के सहारे ट्रैफिक निगरानी को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। अब सड़कों और टोल प्लाजा पर लगे ANPR (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे खुद ही वाहन का नंबर पढ़ेंगे, दस्तावेजों की जांच करेंगे और नियम तोड़ते ही सीधे वाहन स्वामी के मोबाइल पर चालान भेज दिया जाएगा।
अब पुलिस की जरूरत नहीं, कैमरे करेंगे पूरा काम
परिवहन विभाग द्वारा लागू की गई यह नई व्यवस्था पूरी तरह ऑटोमैटिक है। इसमें किसी वाहन को रोकने या पुलिसकर्मी से सामना करने की जरूरत नहीं होगी। सड़क किनारे लगे स्मार्ट कैमरे वाहन की नंबर प्लेट स्कैन करते हैं और उसे भारत सरकार के वाहन डाटाबेस से रियल टाइम में मिलान करते हैं। इस जांच के दौरान यह साफ हो जाता है कि वाहन का बीमा वैध है या नहीं परमिट अपडेट है या नहीं
फिटनेस सर्टिफिकेट चालू है या एक्सपायर अगर इनमें से कोई भी दस्तावेज अधूरा, एक्सपायर या गायब पाया जाता है, तो वाहन स्वामी को घर बैठे ई-चालान भेज दिया जाता है।
19 जनवरी से लागू हुई ई-डिटेक्शन प्रणाली प्रदेश में 19 जनवरी से ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू किया जा चुका है। शुरुआत में इसे टोल प्लाजा पर प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया था, लेकिन इसके परिणाम काफी प्रभावी रहे हैं।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस प्रणाली के जरिए पूरे प्रदेश में 10 हजार से अधिक वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से न केवल राजस्व में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि वाहन चालकों में नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
टोल से निकलकर अब पूरी सड़क पर होगी नजर
फिलहाल यह तकनीक टोल प्लाजा तक सीमित है, लेकिन परिवहन विभाग इसे जल्द ही शहरों की मुख्य सड़कों, हाईवे और संवेदनशील मार्गों तक फैलाने की तैयारी में है।
अधिकारियों का मानना है कि जब वाहन चालक जानेंगे कि हर सड़क पर कैमरों की नजर है, तो वे खुद-ब-खुद नियमों का पालन करने लगेंगे।37 जगह लगे ANPR कैमरे, देहरादून में 5 प्रमुख स्थान उत्तराखंड में इस समय 37 स्थानों पर ANPR कैमरे लगाए जा चुके हैं, जबकि राजधानी देहरादून में 5 प्रमुख जगहों पर ये कैमरे सक्रिय हैं। ये कैमरे अभी
तेज रफ्तार
ट्रिपल राइडिंग
बिना हेलमेट
बिना डबल हेलमेट
ग्रीन सेस वसूली
जैसे मामलों में चालान काट रहे हैं।

अब इन्हीं कैमरों को ई-डिटेक्शन तकनीक से जोड़ने की तैयारी चल रही है, जिससे एक ही कैमरा ट्रैफिक उल्लंघन और वाहन कागजात — दोनों की जांच कर सकेगा।
एनआईसी को भेजा गया प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक इस पूरी प्रणाली को और मजबूत करने के लिए एनआईसी को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही ANPR कैमरे दोहरी भूमिका में काम करेंगे।
एक ओर वे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर नजर रखेंगे, वहीं दूसरी ओर वाहन के दस्तावेजों की डिजिटल जांच भी करेंगे।
परिवहन विभाग का साफ संदेश
परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि इस व्यवस्था का मकसद केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
अब वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे सड़क पर निकलने से पहले
सभी कागजात अपडेट रखें
हेलमेट और सीट बेल्ट का पालन करें
ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें
क्योंकि अब सड़कों पर सिर्फ पुलिस नहीं, बल्कि 24 घंटे सक्रिय स्मार्ट कैमरे निगरानी कर रहे हैं।
नियम मानिए, सुरक्षित रहिए —
क्योंकि अब कैमरे गलती नहीं छोड़ते।












