मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए लगभग ₹1.11 लाख करोड़ के बजट को राज्य के समग्र विकास का रोडमैप बताया है। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था लगभग 14,500 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इसी तरह प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2000-01 में जहां 15,285 रुपये थी, वहीं अब इसके 2,73,921 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने FRBM अधिनियम के मानकों का पालन करते हुए बेहतर वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है और राजकोषीय घाटे को जीएसडीपी के तीन प्रतिशत के भीतर रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य के मजबूत वित्तीय प्रबंधन का संकेत है। बजट में कुल 1,11,703 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें 64,989 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 18,153 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय शामिल हैं। वहीं कुल प्राप्तियां 1,10,143 करोड़ रुपये अनुमानित हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति को केंद्र में रखा गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 1,327 करोड़ रुपये, अन्नपूर्ति योजना के लिए 1,300 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 298 करोड़ रुपये और शहरी आवास योजना के लिए 56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
युवाओं के लिए शिक्षा और खेल क्षेत्र में 11,871 करोड़ रुपये तथा कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए 586 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। कृषि और बागवानी के लिए 1,113 करोड़ रुपये और पशुपालन, डेयरी व मत्स्य क्षेत्र के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए इस वर्ष 19,692 करोड़ रुपये का जेंडर बजट रखा गया है। इसके तहत सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, ईजा-बोई शगुन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और नन्दा गौरा योजना जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग को 2,501 करोड़ रुपये, ऊर्जा क्षेत्र के लिए 1,609 करोड़ रुपये और लघु सिंचाई के लिए 1,642 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा बजट में कई नई योजनाओं की शुरुआत भी की गई है। इनमें कुंभ मेले की तैयारियों के लिए 1,027 करोड़ रुपये, साइबर सुरक्षा के लिए 15 करोड़ रुपये, इको-टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 18.5 करोड़ रुपये, स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के लिए 10 करोड़ रुपये और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व नई तकनीकों के लिए 13 करोड़ रुपये शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट का मूल मंत्र SANTULAN है, जिसका अर्थ समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता, नई सोच, तीव्र प्रगति, उन्नत गांव-शहर, लोक सहभागिता, आर्थिक मजबूती और न्यायपूर्ण व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरण के संतुलन के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।












