चारधाम यात्रा 2026 के सफल और सुरक्षित संचालन को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। यात्रा शुरू होने से पहले गढ़वाल मंडल के सात जिलों में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा जा सके। ये सभी जिले चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित हैं, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मॉक ड्रिल की निगरानी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कंट्रोल रूम से की गई, जिससे पूरे ऑपरेशन पर नजर रखी जा सके।
इस दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनय रुहेला और आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि मॉक ड्रिल के दौरान जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें तुरंत दूर किया जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही न हो।nचारधाम यात्रा 2026 के लिए कपाट खुलने की तारीखें भी तय कर दी गई हैं। 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। सरकार का दावा है कि इस बार यात्रा को पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।










