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टीबी उन्मूलन की दिशा में देहरादून में तेज प्रयास, 189 संवेदनशील क्षेत्रों में 100% स्क्रीनिंग पूरी

देहरादून। राजधानी देहरादून में टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। जिले में टीबी की पहचान, जांच और उपचार को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का फोकस संवेदनशील क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ-साथ मरीजों को नियमित उपचार और पोषण सहायता उपलब्ध कराने पर है।

देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत जिले में विभिन्न स्तरों पर टीबी उन्मूलन से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

189 संवेदनशील क्षेत्रों में शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग

CMO ने बताया कि ‘100 डेज टीबी प्रोग्राम’ के दूसरे चरण के तहत जिले के सभी 189 संवेदनशील (Vulnerable) क्षेत्रों में स्क्रीनिंग का कार्य 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

इन क्षेत्रों में विशेष रूप से टीबी के संभावित मरीजों की पहचान पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा लोगों की जांच और आवश्यकतानुसार आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है।

जिले में 5,215 टीबी मरीजों की पहचान

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार देहरादून जनपद में अब तक कुल 5,215 टीबी मरीजों की पहचान की गई है। इनमें से वर्तमान में 3,848 मरीज एक्टिव हैं और नियमित रूप से अपना उपचार ले रहे हैं।

विभाग का प्रयास है कि चिन्हित मरीजों को समय पर उपचार मिले और वे उपचार का पूरा कोर्स करें, जिससे बीमारी के संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद मिल सके।

3,270 मरीजों को मिली पोषण किट

टीबी मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनके पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब तक जिले में 3,270 मरीजों को निक्षय मित्रों के माध्यम से पोषण किट उपलब्ध कराई जा चुकी है।

निक्षय मित्रों के सहयोग से मरीजों को उपचार के दौरान आवश्यक पोषण सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

हैंडहेल्ड मशीनों और विशेष कैंपों से जांच

टीबी मुक्त अभियान के तहत केवल 100 दिनों के विशेष अभियान तक ही गतिविधियों को सीमित नहीं रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा फील्ड में हैंडहेल्ड मशीनों और विशेष स्वास्थ्य कैंपों के माध्यम से भी जांच की जा रही है।

इसका उद्देश्य ऐसे लोगों तक पहुंचना है, जहां सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जांच आसानी से नहीं हो पाती।

155 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित

देहरादून जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को ग्रामीण स्तर तक भी मजबूत किया जा रहा है। जिले की कुल 409 ग्राम पंचायतों में से 155 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग अब शेष ग्राम पंचायतों में भी टीबी की रोकथाम, जांच और उपचार से जुड़ी गतिविधियों को और तेज करने की दिशा में काम कर रहा है।

अभियान से जुड़ेंगे NCC कैडेट्स और My Bharat वालंटियर्स

टीबी उन्मूलन अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न संगठनों और युवाओं को भी अभियान का हिस्सा बनाया जा रहा है।

ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारियों को नामित किया जा रहा है। इसके साथ ही NCC कैडेट्स और My Bharat के वालंटियर्स को भी टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ा जा रहा है, ताकि जागरूकता और स्क्रीनिंग गतिविधियों को अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले में टीबी की समय पर पहचान, नियमित उपचार, पोषण सहायता और जनजागरूकता के माध्यम से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल किया जाए।

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