देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत चल रही आवासीय परियोजनाओं में देरी पर सचिव आवास एवं आयुक्त आवास विकास परिषद डॉ. आर. राजेश कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि गरीब परिवारों के सपनों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और सभी लंबित कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं।
बैठक में विद्युत, पेयजल, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिन परियोजनाओं में कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहा था, उन पर सचिव ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि केवल भवन बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ समय पर आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
डॉ. राजेश कुमार ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें जिम्मेदार अधिकारी, कार्य की समयसीमा और प्रगति का नियमित विवरण शामिल हो। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक देरी या लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सरकार का उद्देश्य हर पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। इसलिए निर्माण कार्यों के साथ-साथ बिजली, पानी, सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी समय पर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सचिव आवास ने दोहराया कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि हजारों गरीब परिवारों के बेहतर भविष्य और सम्मानजनक जीवन का आधार है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी लंबित कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे करें ताकि लाभार्थियों को जल्द से जल्द उनके नए घरों की चाबियां सौंपी जा सकें।








