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माटी कला से जुड़े कारीगरों को मिलेगा नया संबल, कुंभ और चारधाम यात्रा में बढ़ेगा स्थानीय उत्पादों का उपयोग: भरत सिंह चौधरी

रुड़की, 17 जुलाई। उत्तराखंड सरकार पारंपरिक माटी कला को नई पहचान दिलाने और इससे जुड़े कारीगरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री भरत सिंह चौधरी ने शुक्रवार को रुड़की स्थित माटी कला बोर्ड के प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने माटी कला से जुड़े प्रजापति समाज के कारीगरों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए समाधान का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और माटी कला से जुड़े कारीगरों ने कैबिनेट मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान कारीगरों ने मिट्टी की उपलब्धता, उस पर लगे प्रतिबंध और व्यवसाय से जुड़ी अन्य व्यावहारिक समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने मांग की कि सरकार मिट्टी की उपलब्धता को आसान बनाए ताकि पारंपरिक माटी कला को नया जीवन मिल सके।

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार पारंपरिक हस्तशिल्प और माटी कला को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कारीगरों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि आगामी कुंभ मेले में प्लास्टिक के गिलासों की जगह पर्यावरण अनुकूल मिट्टी के कुल्हड़ों के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे एक ओर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तो दूसरी ओर माटी कला से जुड़े हजारों कारीगरों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान भी स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए मिट्टी के उत्पादों के उपयोग और विपणन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे प्रदेश के कारीगरों को बड़ा बाजार मिलेगा और स्थानीय उत्पादों की मांग में वृद्धि होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि माटी कला से जुड़े कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए मिट्टी गूंथने की मशीनें उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, श्रम कम होगा और कारीगर बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर सकेंगे।

भरत सिंह चौधरी ने कहा कि माटी कला उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य इस पारंपरिक कला का संरक्षण करने के साथ-साथ कारीगरों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर बाजार और स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति, पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल, रुड़की की मेयर अनीता ललित अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी, राज्यमंत्री आदेश सैनी सहित भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में माटी कला से जुड़े कारीगर उपस्थित रहे।

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