देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के आगमन से पहले राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। संभावित प्राकृतिक आपदाओं और चुनौतियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आपदा प्रबंधन विभाग की उच्चस्तरीय बैठक की और संबंधित विभागों को समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून का मौसम उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में सड़क, परिवहन, बिजली, पेयजल, खाद्य, लोक निर्माण विभाग, बीआरओ तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य विभागों ने अपनी-अपनी तैयारियों की जानकारी दी। विभागों ने उन क्षेत्रों के बारे में भी अवगत कराया जहां मानसून के दौरान विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में आई आपदाओं के दौरान प्राप्त अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार और बेहतर रणनीति बनाई गई है। सरकार का प्रयास है कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकें तथा आम जनता को न्यूनतम परेशानी का सामना करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून शुरू होने से पहले आवश्यक उपकरण, मशीनरी, राहत सामग्री और मानव संसाधन पूरी तरह तैयार रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।








