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राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर ज़ोन में मंत्री पुत्र की शादी पर बवाल: वन विभाग ने ठोका केस, हटवाए भव्य इंतज़ाम

हरिद्वार/देहरादून: उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व के संवेदनशील कोर ज़ोन में कैबिनेट मंत्री के बेटे की प्रस्तावित शादी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामला सामने आने के बाद वन विभाग हरकत में आया और मौके पर चल रही भव्य तैयारियों को रुकवाते हुए संबंधित मंदिर समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, हरिद्वार स्थित सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर, जो टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में आता है, वहां मंत्री के पुत्र के विवाह समारोह की तैयारियां जोरों पर थीं। इस दौरान ट्रकों के जरिए टेंट, कुर्सियां, जनरेटर सहित भारी सामान अंदर पहुंचाया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ गईं।  यह क्षेत्र वन्यजीवों, खासकर हाथी और अन्य वन्य प्रजातियों के आवास के रूप में बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहां सामान्य गतिविधियों पर भी सख्त नियंत्रण रहता है। बावजूद इसके, बड़े स्तर पर आयोजन की तैयारियों ने पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा कर दी।  नवीन समाचार  विभाग की कार्रवाई जैसे ही मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तूल पकड़ने लगा, वन विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लगाए गए पंडाल और अन्य भव्य व्यवस्थाओं को हटवा दिया। अब केवल सीमित और पारंपरिक तरीके से विवाह की अनुमति देने की बात कही जा रही है।  वन विभाग ने बिना अनुमति आयोजन की तैयारी करने के आरोप में मंदिर समिति के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। साथ ही यह भी जांच शुरू कर दी गई है कि आखिर प्रतिबंधित क्षेत्र में इतना सामान कैसे पहुंचा और किस स्तर पर लापरवाही हुई। उठे कई सवाल इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं? प्रतिबंधित क्षेत्र में भारी वाहनों की एंट्री कैसे हुई? क्या प्रभावशाली लोगों के लिए नियमों में ढील दी जाती है? वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोर ज़ोन में किसी भी प्रकार के बड़े आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नवीन समाचार
निष्कर्ष
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर वीआईपी कल्चर और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन पर बहस छेड़ दी है।

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