डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ अब कई लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। चलते वाहन में रील बनाना, बाइक या कार चलाते समय मोबाइल पर वीडियो देखना या फोन स्क्रॉल करना एक खतरनाक आदत बन चुकी है। कुछ सेकंड का ध्यान भटकना भी बड़ी दुर्घटना और असमय मौत का कारण बन सकता है।
हाल के वर्षों में देशभर से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां रील बनाने या वाहन चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल करने के कारण लोगों ने अपनी जान गंवाई या गंभीर हादसों का शिकार हुए। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि मोबाइल फोन ड्राइवर का ध्यान सड़क से हटाकर दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ा देता है।
कुछ सेकंड की लापरवाही, जिंदगी भर का पछतावा
विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चलाते समय यदि चालक कुछ सेकंड के लिए भी मोबाइल स्क्रीन पर नजर डालता है, तो वह कई मीटर तक बिना सड़क पर ध्यान दिए वाहन चला देता है। ऐसे में सामने आने वाले वाहन, पैदल यात्री या अचानक आने वाले मोड़ का अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटना हो सकती है।
रील्स का बढ़ता क्रेज बना खतरा
आजकल लाइक्स और व्यूज़ की चाह में कई युवा चलती बाइक, कार, रेलवे ट्रैक, पुलों और अन्य खतरनाक स्थानों पर रील बना रहे हैं। कई मामलों में यह शौक जानलेवा साबित हुआ है। पुलिस और प्रशासन भी समय-समय पर ऐसे वीडियो साझा कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते रहे हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
- रील बनाने के लिए सड़क या रेलवे ट्रैक जैसी खतरनाक जगहों का चयन न करें।
- बाइक चलाते समय हमेशा हेलमेट और कार में सीट बेल्ट का उपयोग करें।
- यदि जरूरी कॉल आए तो पहले सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकें, फिर बात करें।
- सोशल मीडिया के लाइक्स और व्यूज़ से अधिक आपकी जिंदगी की कीमत है।
संदेश
एक रील दोबारा बन सकती है, लेकिन जिंदगी नहीं।
मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें। सड़क पर आपका एक सही फैसला आपकी और दूसरों की जान बचा सकता है।








