उत्तराखंड में जनगणना-2027 की प्रक्रिया को एक नई दिशा देते हुए राज्यपाल गुरमीत सिंह ने देहरादून में इसका औपचारिक शुभारंभ किया। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में आयोजित की जा रही है, जिसमें नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने की सुविधा दी गई है।
यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि इस प्रक्रिया के जरिए अधिक पारदर्शिता और सटीक आंकड़े सुनिश्चित किए जाएं, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके। राज्यपाल ने युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि सटीक और विश्वसनीय डेटा ही राज्य और देश के विकास की मजबूत नींव होता है। इस डिजिटल जनगणना के माध्यम से नागरिकों को अपने घर बैठे ही अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर मिलेगा, जिससे प्रक्रिया सरल और तेज होगी। सरकार का फोकस है कि इस डेटा के आधार पर भविष्य की योजनाओं को और अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाया जा सके।










