देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। भाजपा समेत कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने और नए चेहरों को अपने साथ जोड़ने की कवायद में जुटे हैं। इसी क्रम में रविवार को देहरादून में कांग्रेस ने बड़ा सदस्यता अभियान चलाया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष डीके पाल, देहरादून ऑटो यूनियन के अध्यक्ष खुर्शीद अहमद सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों से जुड़े प्रतिनिधियों और उनके सैकड़ों समर्थकों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
ट्रेड यूनियन और ऑटो यूनियन से जुड़े लोगों के कांग्रेस में शामिल होने का दावा
सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ट्रेड यूनियन और ऑटो यूनियन से जुड़े लोग मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
हरक सिंह रावत ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की विचारधारा से प्रभावित होकर विभिन्न राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियनों से जुड़े लोग कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जब ट्रेड यूनियन और ऑटो यूनियन से जुड़े लोग कांग्रेस के साथ जुड़ेंगे तो इसका असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा और पार्टी का संगठन और मजबूत होगा।
2027 के चुनाव को लेकर कांग्रेस ने तेज की तैयारियां
हरक सिंह रावत ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग संगठनों और यूनियनों से जुड़े लोगों के कांग्रेस में आने से पार्टी को आगामी चुनाव में मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को प्रदेशभर में मजबूत संगठन खड़ा करना है और इसके लिए समाज के विभिन्न वर्गों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
हरक सिंह रावत को मिली नई जिम्मेदारी
हरक सिंह रावत ने बताया कि कांग्रेस ने उन्हें इंटक ट्रेड यूनियन का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है। उन्होंने कहा कि आगामी 20 अगस्त को दिल्ली में इंटक ट्रेड यूनियन का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भी शामिल होने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियन के माध्यम से श्रमिकों और कामगारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा तथा संगठन को देशभर में मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
कांग्रेस के लिए कितना अहम है यह सियासी घटनाक्रम?
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच संगठन को मजबूत करने की होड़ तेज होती दिखाई दे रही है। ऐसे में ट्रेड यूनियन, ऑटो यूनियन और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों का किसी राजनीतिक दल में शामिल होना चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
देहरादून में हुए इस सदस्यता कार्यक्रम को कांग्रेस की जमीनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में अन्य दलों और संगठनों से जुड़े नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने की स्थिति पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी।








