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देवभूमि में शराब की नई दुकानें: धामी सरकार के फैसले पर कांग्रेस का तीखा वार, उठे बड़े सवाल

देहरादून | रिपोर्ट:
उत्तराखंड में 1 अप्रैल से नई शराब की दुकानों को खोलने के सरकार के फैसले ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। “देवभूमि” कहे जाने वाले इस राज्य में शराब की दुकानों के विस्तार को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले राज्य को शराब के कारोबार का केंद्र बनाने की कोशिश क्यों की जा रही है। गोदियाल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कुमाऊं मंडल में ही 55 नई शराब की दुकानों को मंजूरी दी गई है। इनमें पिथौरागढ़ जिले में 15 नई दुकानें और मुख्यमंत्री के गृह जनपद चंपावत में 4 दुकानों की अनुमति शामिल है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री के अपने जिले में इतनी तेजी से शराब की दुकानें बढ़ रही हैं, तो प्रदेश के बाकी हिस्सों की स्थिति क्या होगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार राजस्व बढ़ाने के नाम पर प्रदेश को नशे की ओर धकेल रही है। उनका कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पहले से ही शराब एक गंभीर सामाजिक समस्या रही है, जिससे परिवार टूटे हैं और महिलाओं को आंदोलन तक करने पड़े हैं। ऐसे में नई दुकानों का खुलना समाज में और असंतोष पैदा कर सकता है। गोदियाल ने भाजपा के सांसदों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश की पांचों लोकसभा और तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है, लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि जनता के हित में अपनी ही सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं दिखा रहा। उन्होंने सरकार को “निरंकुश” करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताएं आम जनता से मेल नहीं खातीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश में शराब की तिजारत इस तरह बढ़ती रही, तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों तक पड़ेगा और उत्तराखंड का सामाजिक ढांचा कमजोर हो सकता है। साथ ही मुख्यमंत्री से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए कहा कि समाज का हित किसी भी राजस्व से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

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