देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के सानिध्य में श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर भक्तिभाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर हो उठा। कथा के दौरान टपकेश्वर महादेव मंदिर की पौराणिक महत्ता का वर्णन करते हुए बताया गया कि यह स्थल महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। यहां गुरु द्रोणाचार्य तपस्या करते थे और भगवान शिव की कृपा से गुफा की छत से जल टपककर अश्वत्थामा की भूख शांत हुई। यह प्रसंग सच्ची भक्ति और भगवान की कृपा का प्रतीक है। इसके साथ ही भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकशिपु की कथा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सच्ची और निस्वार्थ भक्ति में अपार शक्ति होती है। जब भक्त पूर्ण श्रद्धा से भगवान का स्मरण करता है, तो भगवान स्वयं उसकी रक्षा के लिए प्रकट होते हैं।

चतुर्थ दिवस पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। भव्य झांकियों और मधुर भजनों ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो देहरादून स्वयं वृंदावन में परिवर्तित हो गया हो। श्रद्धालु झांकियों में बढ़-चढ़कर शामिल हुए और भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। कथा के माध्यम से बच्चों में धार्मिक संस्कारों के महत्व पर भी विशेष बल दिया गया। बताया गया कि बचपन से ही भगवान का नाम, तिलक और संस्कार सिखाने से उनके जीवन की दिशा सकारात्मक बनती है।
एकादशी व्रत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे करने से पापों का नाश, मन की शुद्धि और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।

आयोजन के सफल संचालन एवं व्यवस्थापन में सीमा शर्मा, सुनील शर्मा, संदीप रस्तोगी एवं शिल्प रस्तोगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस दौरान प्रांत प्रचारक शैलेंद्र सिंह भी कथा में शामिल हुए।
यह श्रीमद्भागवत कथा 27 मार्च से 02 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से 6:00 बजे तक आयोजित की जा रही है।
स्
थान: रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून (उत्तराखंड)












