देहरादून | बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा विभिन्न तीर्थ स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित किए जाने के निर्णय को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इस फैसले का समर्थन करते हुए केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि मंदिरों की परंपरा और धार्मिक आस्था की मर्यादा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। विधायक आशा नौटियाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि केदारनाथ धाम में प्रवेश और व्यवस्थाओं को लेकर निर्णय लेने का अधिकार मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन का है। उन्होंने कहा कि धाम की पवित्रता बनाए रखने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे। उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग तीर्थ स्थलों पर मांस और मदिरा का सेवन करते हैं या फिर अनुचित गतिविधियों में शामिल रहते हैं, जिससे वहां की पवित्रता प्रभावित होती है। ऐसे लोगों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, ताकि धाम की गरिमा बनी रहे। बीकेटीसी के इस निर्णय को लेकर जहां कुछ लोग समर्थन में हैं, वहीं कुछ वर्गों द्वारा इस पर सवाल भी उठाए










