देहरादून:
चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए उत्तराखंड सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। इसी क्रम में प्रदेश के 7 जिलों में 10 अप्रैल को बड़ी फील्ड मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसके जरिए आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा जाएगा। इससे पहले 8 अप्रैल को टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, रिस्पॉन्स सिस्टम और आपदा प्रबंधन की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। मॉक ड्रिल उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, देहरादून और हरिद्वार जिलों में एक साथ आयोजित होगी, जहां चारधाम यात्रा के दौरान संभावित आपदाओं—जैसे भूस्खलन, बादल फटना, सड़क हादसे और भीड़ प्रबंधन—से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का संचालन देहरादून स्थित आईटी पार्क में बने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से किया जाएगा। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाली इस मॉक ड्रिल में प्रशासन, पुलिस, SDRF, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन और अन्य संबंधित एजेंसियां भाग लेंगी। प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं, ऐसे में किसी भी आपदा से निपटने के लिए बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी है। यही कारण है कि इस तरह की मॉक ड्रिल के जरिए तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है।










