देहरादून: राजधानी दून में लगातार बढ़ते ट्रैफिक और पार्किंग संकट को लेकर अब सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्य सचिव के निर्देश पर शहर में पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अफसरों की टीम मैदान में उतार दी गई है। सूत्रों के अनुसार, शहर के प्रमुख बाजारों, व्यस्त चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पार्किंग की स्थिति का जमीनी सर्वे कराया जा रहा है। टीम यह पहचानने में जुटी है कि किन स्थानों पर नई पार्किंग विकसित की जा सकती है और किन जगहों पर पहले से मौजूद पार्किंग का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। दरअसल, देहरादून में दिनों-दिन बढ़ते वाहनों के दबाव ने ट्रैफिक व्यवस्था को बिगाड़ दिया है। मुख्य सचिव पहले भी अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि शहर में नए पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाएं और अवैध पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई हो। बताया जा रहा है कि इस बार अभियान को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए मल्टीलेवल पार्किंग, ऑटोमेटेड पार्किंग और खाली सरकारी जमीनों के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार का फोकस है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में सड़क किनारे पार्किंग खत्म कर वाहनों को निर्धारित पार्किंग में शिफ्ट किया जाए।
इसके साथ ही, अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक संस्थानों की पार्किंग का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जो संस्थान अपनी पार्किंग का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की भी तैयारी है। राज्य सरकार पहले ही ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए कई जगहों पर नई पार्किंग विकसित करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि आने वाले समय में लोगों को जाम से राहत मिल सके। कुल मिलाकर, दून में पार्किंग संकट को खत्म करने के लिए अब प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में नजर आ रहा है। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है तो राजधानी के लोगों को ट्रैफिक जाम से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
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