देहरादून। देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन सिंह रावत की जयंती के अवसर पर देहरादून में एक कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, कई पूर्व सैनिकों और सैन्य अधिकारियों ने भाग लेकर जनरल रावत के योगदान और उनके सैन्य नेतृत्व को याद किया।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जनरल बिपिन सिंह रावत उत्तराखंड की शान थे और उन्होंने हमेशा देश और प्रदेश के हित में कार्य किया। उन्होंने कहा कि जनरल रावत का आत्मविश्वास और सैन्य नेतृत्व देश के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। उन्होंने कहा कि जनरल रावत का मानना था कि भारतीय सेना इतनी सक्षम है कि वह चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मनों का एक साथ सामना करने की क्षमता रखती है। गणेश जोशी ने बताया कि उत्तराखंड के युवाओं को सेना में भर्ती के दौरान हाइट में 5 सेंटीमीटर की छूट दिलाने में भी जनरल बिपिन रावत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड से अपने विशेष लगाव के चलते प्रदेश में 10 हजार से अधिक अखरोट के पेड़ लगवाने की पहल भी की थी। उन्होंने कहा कि देहरादून में निर्मित हमर सैन्य धाम शहीदों की यादों को संजोकर रखने का एक प्रयास है। भले ही हम अपने शहीदों को वापस नहीं ला सकते, लेकिन उनकी वीरता और बलिदान को हमेशा जीवित रखना हमारा कर्तव्य है। इसी भावना के तहत हमर सैन्य धाम के मुख्य द्वार का नाम जनरल बिपिन सिंह रावत के नाम पर रखा गया है।
वहीं कार्यक्रम में मौजूद रिटायर्ड जनरल गुलाब सिंह रावत ने कहा कि उन्हें जनरल बिपिन रावत के साथ हर रैंक में काम करने का अवसर मिला, जो उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जनरल रावत एक शेरदिल और बहादुर अधिकारी थे, जिनकी नेतृत्व क्षमता और सोच हमेशा सैनिकों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक रही।
उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत हमेशा चाहते थे कि उत्तराखंड के युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और प्रदेश के विकास में उनका योगदान बढ़े। उनकी यही सोच आज भी लोगों को प्रेरित कर रही है।










