देहरादून। देश की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हो रहा है, जब नारी शक्ति वंदन संशोधित बिल संसद में पेश किया जा रहा है। इस बिल को लेकर देशभर की महिलाओं में उत्साह और उम्मीद की लहर देखी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि चौहान भट्ट ने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शी और ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उनका कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि “नारी शक्ति” को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में लाने का सशक्त संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस बिल के माध्यम से महिलाओं को राजनीति में निर्णायक भूमिका मिलेगी, जिससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत और संवेदनशील बनेगी। सीटों की संख्या में संभावित वृद्धि और महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से संसद की कार्यशैली में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
रुचि चौहान भट्ट के अनुसार, यदि संसद में महिलाओं की संख्या 280 से अधिक तक पहुंचती है, तो यह न केवल प्रतिनिधित्व का विस्तार होगा बल्कि नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी भी प्रभावी रूप से बढ़ेगी।
यह बिल भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जो आने वाले समय में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।










