देहरादून। उत्तराखंड में विकास कार्यों की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित 5 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है। बताया जा रहा है कि सभी विभागों और मंत्रियों को अपनी-अपनी योजनाओं की अद्यतन जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य बड़ी परियोजनाओं की प्रगति, वित्तीय स्थिति, कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन की समीक्षा करना है। सरकार चाहती है कि जिन योजनाओं पर बड़ी राशि खर्च हो रही है, उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि कार्यों में अनावश्यक देरी या अन्य बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सके.
सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में जुटाई गई जानकारी का समन्वय कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के माध्यम से किया जाएगा। सभी संबंधित विभागों और मंत्रियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपनी विभागीय योजनाओं का पूरा विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराएं, जिससे मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर व्यापक समीक्षा की जा सके। Saurabh Bahuguna
सरकारी स्तर पर माना जा रहा है कि इस कवायद से राज्य की बड़ी विकास परियोजनाओं की प्रगति पर सीधी निगरानी संभव होगी और जिन योजनाओं में किसी प्रकार की बाधा या देरी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा। इससे परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।








