देहरादून/केदारनाथ: उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में बीते रोज वीआईपी दर्शन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। उद्योगपति गौतम अडानी के दर्शन के दौरान तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को विशेष सुविधा दी जा रही है, जिसको लेकर मौके पर विरोध भी देखने को मिला। श्रद्धालुओं का कहना था कि धाम में आने वाले हर व्यक्ति को समान रूप से दर्शन का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार की वीआईपी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। इस दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण भी हो गया। विवाद बढ़ने पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि धाम में किसी भी प्रकार की वीआईपी दर्शन व्यवस्था लागू नहीं है। उन्होंने बताया कि गौतम अडानी ने भी सामान्य श्रद्धालुओं की तरह ही करीब 5 मिनट में गर्भगृह में दर्शन किए। हेमंत द्विवेदी के अनुसार, विवाद की असली वजह निकासी द्वार से कुछ श्रद्धालुओं द्वारा जबरन प्रवेश करने की कोशिश थी, जिसे पुलिस ने रोका। इसी घटना को गलत तरीके से वीआईपी दर्शन के विरोध के रूप में प्रचारित किया गया। मंदिर समिति ने अपील की है कि श्रद्धालु अफवाहों पर ध्यान न दें और व्यवस्थाओं का पालन करें, ताकि धाम की पवित्रता और व्यवस्था बनी रहे।







