देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान-2041 पर प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों की जनसुनवाई सोमवार से शुरू हो गई। यह पहल मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विकसित एवं सुनियोजित उत्तराखंड के विजन के अनुरूप की जा रही है। इसका उद्देश्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के साथ ऐसा मास्टर प्लान तैयार करना है, जो भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप होने के साथ-साथ जनहित, संतुलित विकास और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे।
जनसुनवाई के पहले दिन माता मंदिर रोड स्थित शकुन स्पोर्ट्स एकेडमी में सेक्टर-1 से संबंधित आपत्तियों एवं सुझावों पर सुनवाई की गई। इस दौरान कुल 18 आपत्तियों और सुझावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों और अन्य हितधारकों ने भूमि उपयोग, आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के निर्धारण, सड़क नेटवर्क, यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं तथा हरित क्षेत्रों सहित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने सभी आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अभिलेखों के आधार पर उनका परीक्षण किया। नागरिकों ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहर के संतुलित विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जल निकासी व्यवस्था, पार्कों और सार्वजनिक उपयोग की भूमि के संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
इस अवसर पर एमडीडीए के उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि सभी आपत्तियों और सुझावों पर निष्पक्षता के साथ विचार किया जाएगा तथा मास्टर प्लान को जनहित में अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बशर घर वाले सहित सभी प्रभावित नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना और समाधान किया जाएगा








