देहरादून / उत्तराखंड
उत्तराखंड में विधायकों की निधि को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। RTI से मिली जानकारी के अनुसार, कई विधायकों ने अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में निधि का सही उपयोग किया, जबकि कई अब भी पीछे हैं।
जानकारी के मुताबिक, विधायक निधि (MLA-LAD) के उपयोग में बड़ा अंतर देखने को मिला है। कुछ विधायक ऐसे हैं जिन्होंने अपने फंड का अधिकतम हिस्सा खर्च किया, वहीं कई विधायक आधे से भी कम फंड का उपयोग कर पाए।
रिपोर्ट के अनुसार, फुरकान अहमद उन विधायकों में शामिल हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा निधि खर्च की। रवि बहादुर भी खर्च के मामले में दूसरे स्थान पर बताए जा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अपने विधायक फंड का उपयोग किया, लेकिन वे शीर्ष स्थान पर नहीं हैं। RTI के इस खुलासे के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि जिन क्षेत्रों में फंड खर्च नहीं हुआ, वहां विकास कार्य क्यों अधूरे हैं? साथ ही यह भी चर्चा है कि क्या सभी विधायक अपनी जिम्मेदारी को समान रूप से निभा रहे हैं या नहीं। राज्य में कुल उपलब्ध विधायक निधि का बड़ा हिस्सा अभी भी खर्च नहीं हो पाया है, जिससे विकास कार्यों की गति पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है।
अब यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन चुका है, और जनता यह जानना चाहती है कि उनके क्षेत्र के विकास के लिए आवंटित धन का सही उपयोग हुआ या नहीं।







