देहरादून, 29 अप्रैल।
देहरादून में राष्ट्रपति निकेतन के गेट नंबर-4 के सामने खुले अंग्रेजी शराब के ठेके के विरोध में स्थानीय लोगों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को इस विरोध प्रदर्शन का 11वां दिन रहा, जहां लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक शराब की दुकान को यहां से हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्र और संवेदनशील स्थान के ठीक सामने शराब की दुकान खोले जाने से क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। विरोध को कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिल चुका है, जिससे यह आंदोलन अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। गौरतलब है कि विरोध के बीच क्षेत्रीय विधायक गणेश जोशी भी मौके पर पहुंचे थे और शराब की दुकान हटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय निवासी राजलक्ष्मी काला ने बताया कि पहले यहां सब्जी मंडी बनाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन अब अचानक शराब का ठेका खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों और खासकर स्कूली बच्चियों में असुरक्षा का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उल्टा, आबकारी पुलिस द्वारा दुकान को सुरक्षा दी जा रही है, जिससे लोगों में रोष और बढ़ गया है। इस बीच, प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुँची महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार “ड्रग फ्री उत्तराखंड” की बात करती है, वहीं दूसरी ओर हर जगह शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। रौतेला ने आरोप लगाया कि देहरादून में लगातार बढ़ रहे अपराधों के बावजूद प्रशासन शराब की दुकानों को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों को हटाकर दुकान में शराब की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। “आश्वासन पर आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। जब तक यह ठेका यहां से नहीं हटेगा, आंदोलन जारी रहेगा,” उन्होंने कहा।







