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राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुए ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी, विकसित भारत @2047 के लक्ष्य पर हुई मंथन

नई दिल्ली/देहरादून, 29 जून। उत्तराखण्ड के ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में प्रतिभाग किया। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने की। सम्मेलन में देशभर के ग्रामीण विकास मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने हिस्सा लेकर ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए ग्रामीण विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाना, राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा नवाचारों और सफल कार्यप्रणालियों को साझा करना रहा। इस दौरान विभिन्न राज्यों में संचालित योजनाओं, ग्रामीण आजीविका, बुनियादी सुविधाओं, पंचायती राज व्यवस्था और सतत विकास जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उत्तराखण्ड के ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि सम्मेलन में प्राप्त अनुभव, सुझाव और अन्य राज्यों की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों का लाभ उत्तराखण्ड को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँच सके।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सम्मेलन में हुए विचार-विमर्श से ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से गांवों में रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे।

मंत्री ने कहा कि Narendra Modi के “गांवों का विकास ही भारत का विकास” के मंत्र को आत्मसात करते हुए उत्तराखण्ड सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर और अधिक तेजी एवं प्रभावशीलता के साथ लागू करने के लिए संकल्पित है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी तथा विकसित भारत के निर्माण में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित होगी।

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